UP Free Smartphone Yojana 2026: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को डिजिटल रूप से होशियार बनाने के लिए ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ (Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं को बिल्कुल मुफ़्त (Free) में स्मार्टफोन (Smartphone) और टैबलेट (Tablet) बांटे जा रहे हैं, ताकि वे ऑनलाइन क्लास ले सकें और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर सकें।
लेकिन इस योजना को लेकर छात्रों में सबसे बड़ा भ्रम (Confusion) यह है कि “इसका ऑनलाइन फॉर्म कहाँ मिलेगा?” आइए इस लेख में आपके सभी सवालों के जवाब देते हैं और बताते हैं कि ‘डिजीशक्ति पोर्टल’ (DigiShakti Portal) कैसे काम करता है और आपको अपना फ्री मोबाइल कैसे मिलेगा।
📋 UP Free Smartphone / Tablet Yojana — Quick Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का असली नाम | स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना |
| लाभार्थी कौन हैं? | उत्तर प्रदेश के कॉलेज छात्र-छात्राएं |
| क्या मिलेगा? | फ्री स्मार्टफोन (Smartphone) या टैबलेट (Tablet) |
| किसे मिलेगा टैबलेट? | B.Tech, Medical, Polytechnic (तकनीकी कोर्स) |
| किसे मिलेगा स्मार्टफोन? | BA, BSc, BCom, ITI, MA (सामान्य कोर्स) |
| आवेदन का तरीका | छात्र खुद ऑनलाइन अप्लाई नहीं कर सकते! |
| पोर्टल का नाम | DigiShakti Portal (digishakti.up.gov.in) |
🛑 सबसे बड़ा अलर्ट: खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने की गलती न करें!
अगर आपके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कोई मैसेज आता है कि “UP Free Smartphone योजना का फॉर्म भरने के लिए इस नीले लिंक पर क्लिक करें,” तो तुरंत उस मैसेज को डिलीट कर दें!
सच्चाई यह है: यूपी सरकार ने छात्रों के लिए सीधे ऑनलाइन फॉर्म भरने की कोई सुविधा नहीं दी है। वे सभी लिंक्स साइबर ठगों (Scammers) के हैं जो आपका डेटा और पैसे चुराना चाहते हैं। सरकार ने यह जिम्मेदारी पूरी तरह से आपके कॉलेज और यूनिवर्सिटी (College/University) को दी है।
📱 तो फिर फ्री स्मार्टफोन कैसे मिलेगा? (The Real Process)
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ‘डिजीशक्ति पोर्टल’ (DigiShakti Portal) बनाया है। मोबाइल मिलने की असली प्रक्रिया कुछ इस तरह काम करती है:
- कॉलेज बनाएगा लिस्ट: आप जिस भी कॉलेज या संस्थान में पढ़ रहे हैं, वह वहाँ पढ़ रहे सभी छात्रों का डेटा (नाम, आधार, कोर्स, मोबाइल नंबर) इकट्ठा करेगा।
- पोर्टल पर अपलोड: कॉलेज का प्रशासन (Clerk) अपने लॉगिन आईडी से आप सभी छात्रों का डेटा ‘डिजीशक्ति पोर्टल’ पर अपलोड (Upload) करेगा।
- यूनिवर्सिटी से वेरिफिकेशन: कॉलेज द्वारा भेजे गए डेटा को आपकी यूनिवर्सिटी (जैसे AKTU, CSJM, Lucknow University) वेरीफाई करेगी।
- मोबाइल वितरण (Distribution): जब डेटा वेरीफाई हो जाएगा, तो सरकार ज़िला अधिकारी (DM) के माध्यम से आपके कॉलेज में स्मार्टफोन/टैबलेट भिजवाएगी। इसके बाद कॉलेज में एक कार्यक्रम (Camp) आयोजित करके आपको आपका मोबाइल सौंप दिया जाएगा।
🎓 किसे मिलेगा टैबलेट और किसे स्मार्टफोन?
बहुत से छात्रों को यह भी कन्फ्यूजन रहता है कि उन्हें टैबलेट मिलेगा या मोबाइल। सरकार ने इसके नियम बिल्कुल साफ कर दिए हैं:
- किन्हें मिलेगा टैबलेट (Tablet): जो छात्र टेक्निकल (Technical) या मेडिकल कोर्स कर रहे हैं, जैसे— B.Tech, B.Pharma, Polytechnic (Diploma), Nursing (ANM/GNM), या Medical की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी स्क्रीन वाला टैबलेट दिया जाता है।
- किन्हें मिलेगा स्मार्टफोन (Smartphone): जो छात्र सामान्य डिग्री कोर्स कर रहे हैं, जैसे— BA, BSc, BCom, MA, MSc, ITI, या Skill Development के कोर्स कर रहे हैं, उन्हें स्मार्टफोन दिया जाता है।
📄 कॉलेज में कौन-कौन से कागज़ (Documents) जमा करने होंगे?
भले ही आपको ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना है, लेकिन अपने कॉलेज के क्लर्क (Clerk) को अपना डेटा सही-सही देने के लिए इन कागज़ों की फोटोकॉपी तैयार रखें:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- कॉलेज का आई-डी कार्ड (College ID) / फीस की रसीद
- पिछली कक्षा की मार्कशीट
- निवास प्रमाण पत्र (UP Domicile)
- चालू मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज़ फोटो
(नोट: कई कॉलेजों ने छात्रों से Google Form के ज़रिए भी ये डिटेल्स मांगी हैं। अपने कॉलेज के नोटिस बोर्ड या क्लर्क से संपर्क में रहें)।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
आप digishakti.up.gov.in पोर्टल पर जाकर ‘Student Corner’ सेक्शन देख सकते हैं। हालाँकि, पोर्टल पर लॉगिन करने का अधिकार केवल कॉलेज और अधिकारियों को है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, तो आपको अपने कॉलेज के क्लर्क या नोडल अधिकारी (Nodal Officer) से ही पूछना होगा।
ज्यादातर कॉलेजों में सरकार पहले फाइनल ईयर (Final Year / 3rd Year) के छात्रों को मोबाइल बांट रही है, ताकि वे पास आउट होकर नौकरी की तैयारी कर सकें। इसके बाद सेकंड ईयर और फिर फर्स्ट ईयर का नंबर आता है। यह आपके जिले और कॉलेज में आए हुए स्टॉक पर निर्भर करता है।
अभी तक सरकार सिर्फ स्मार्टफोन/टैबलेट ही दे रही है (जिसमें सरकार के कुछ एजुकेशन ऐप्स पहले से इंस्टॉल होते हैं)। इसमें सिम और इंटरनेट का रिचार्ज आपको खुद करवाना होगा।
📝 निष्कर्ष — अपने कॉलेज के संपर्क में रहें!
यूपी फ्री स्मार्टफोन योजना (स्वामी विवेकानंद योजना) कॉलेज के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है। लेकिन अज्ञानता के कारण कई छात्र इंटरनेट पर फर्जी फॉर्म भर देते हैं और ठगे जाते हैं।
आपको बस एक ही काम करना है— अपने कॉलेज के क्लर्क या टीचर के संपर्क में रहें। जैसे ही कॉलेज वाले आपसे डॉक्यूमेंट्स मांगें, तुरंत जमा कर दें। जब आपका नाम ‘डिजीशक्ति पोर्टल’ पर अपलोड हो जाएगा, तो आपके पास मोबाइल मिलने का मैसेज (SMS) खुद आ जाएगा!
अस्वीकरण: यह लेख सरकारी मंत्र (sarkarimantra.in) द्वारा उत्तर प्रदेश शासन की स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। गैजेट्स के वितरण का समय और प्राथमिकता (First Year vs Final Year) संबंधित जिलाधिकारी और कॉलेज प्रशासन पर निर्भर करती है।